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अब आठ ग्रीन अस्पतालों में भी आईसोलेशन झोन बनाकर होगा कोविड पॉजिटिव मरीजों के इलाज
कलेक्टर मनीष सिंह ने जारी किये आदेश
इंदौर. इंदौर जिले में कोविड पॉजिटिव मरीजों के ईलाज के लिये और सुविधा बढ़ गई है। अब ग्रीन श्रेणी के आठ प्रायवेट अस्पतालों को चिन्हित कर उनमें आईसोलेशन झोन बनाकर उनका ईलाज किया जायेगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मनीष सिंह ने आदेश जारी किये है।
जिन अस्पतालों को चिन्हित किया गया है उनमें बॉम्बे हॉस्पिटल स्कीम नम्बर 54 रिंग रोड, अपोलो राजश्री हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर स्कीम नं. 74 सी सेक्टर डी विजय नगर, ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल 11/2 ओल्ड पलासिया, सीएचएल हॉस्पिटल एलआईजी चौराहा एबी रोड, मेदांता हॉस्पिटल स्कीम नंबर 54, एप्पल इन्दौर हॉस्पिटल आर.एस. भंडारी मार्ग, यूनिक सुपर स्पेशलिटी सेंटर 20 ए स्कीम नं. 71 तथा सिनर्जी हॉस्पिटल स्कीम नं. 74 विजय नगर शामिल हैं।
उक्त सभी ग्रीन अस्पतालों के संचालकगण तीन डॉक्टर्स की समिति द्वारा तैयार की जा रही सुरक्षा संबंधी एसओपी का अनिवार्यतः पालन करेंगे। उक्त अस्पताल आइसोलेशन वार्ड संबंधी कार्य तीन दिन में पूर्ण करेंगे तथा भविष्य में यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके यहाँ भर्ती मरीज जो कोविड पॉजिटिव पाए गए है, उनका ईलाज अस्पताल द्वारा निर्धारित भुगतान/फीस के आधार पर उक्त अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में किया जायेगा।
पूर्व में ग्रीन अस्पतालों के संचालकों की गत 30 जून को रेसीडेंसी कोठी में हुई बैठक में पैरामेडीकल स्टाफ एवं डॉक्टर्स की ओर से सुरक्षा किट एवं अन्य सावधानियाँ रखते हुए यह निर्णय लिया गया था कि ग्रीन श्रेणी के कुछ अस्पतालों में वहीं पर भर्ती कोविड पाजीटीव मरीजों हेतु आईसोलेशन वार्ड बनाया जाये।
साथ ही यह भी निर्णय लिया गया था कि डॉ. सुशील जैन राजश्री अस्पताल, डॉ. निखिलेश जैन सीएचएल अस्पताल एवं डॉ. विवेक जैन शैल्बी हास्पीटल द्वारा इस संबंध में एक एसओपी तैयार की जायेगी ताकि अस्पताल संचालक इन आईसोलेशन वार्ड हेतु आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें।
उक्त ग्रीन श्रेणी के अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अस्पताल में अस्पताल की क्षमता का 7-8 प्रतिशत (अनुमानित) संख्या में बिस्तर NABH/ CMHO कार्यालय में से जिसमें भी अधिक संख्या के बिस्तरों का प्रमाणीकरण किया गया है, उसका 7-8 प्रतिशत संख्या तक आईसोलेशन वार्ड कोविड पॉजिटिव मरीजों हेतु अपने अस्पतालों में ऐसे क्षेत्र में चिन्हांकित करेंगे जहाँ मरीजों एवं स्टाफ हेतु आने-जाने के रास्ते एवं लिफ्ट पृथक रहे।


